बलौदाबाजार पुलिस की झारखंड के देवघर में बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: जामताड़ा से जुड़े अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार, 3.74 लाख की ठगी का पर्दाफाश
छत्तीसगढ़ की बलौदाबाजार पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगों के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की विशेष टीम ने पड़ोसी राज्य झारखंड के कुख्यात साइबर अपराध गढ़ देवघर में दबिश देकर एक बड़े गिरोह के दो शातिर सदस्यों को धरदबोचा है। इन आरोपियों ने बलौदाबाजार के एक नागरिक के बैंक खाते में सेंध लगाकर कुल **3 लाख 74 हजार रुपये** पार कर दिए थे। पकड़े गए आरोपियों में से एक पुराना आदतन अपराधी और स्थायी वारंटी भी शामिल है। इस पूरे रैकेट के तार देश के सबसे बड़े साइबर ठगी केंद्र ‘जामताड़ा’ से जुड़े हुए हैं।
अज्ञात मैसेज से मोबाइल का लिया कंट्रोल, एसबीआई (SBI) खाते से उड़ाए पैसे
साइबर ठगी के इस हाई-टेक मामले का शिकार बलौदाबाजार की संजय कॉलोनी के निवासी महेंद्र त्रिपाठी हुए थे। उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से एक लुभावना या डराने वाला मैसेज (SMS) आया था। जैसे ही पीड़ित ने उस मैसेज को रिस्पॉन्ड किया, ठगों ने उनके स्मार्टफोन का पूरा रिमोट एक्सेस (नियंत्रण) अपने हाथों में ले लिया। इसके बाद अपराधियों ने पीड़ित के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खाते में अनधिकृत रूप से लॉग-इन किया और अलग-अलग किश्तों में कुल 3.74 लाख रुपये की मोटी रकम गायब कर दी। पीड़ित की लिखित शिकायत पर सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में तत्काल आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
कोलकाता के बंधन बैंक से जुड़े ठगी के तार, ‘कमीशन’ के लालच में खुले थे खाते
बलौदाबाजार पुलिस अधीक्षक (SP) श्री ओ.पी. शर्मा के कड़े निर्देशों पर गठित साइबर सेल और सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (IP एड्रेस और कॉल डिटेल) को खंगालना शुरू किया। सायबर ट्रैकिंग से पता चला कि महेंद्र त्रिपाठी के खाते से उड़ाई गई रकम को तत्काल कोलकाता स्थित बंधन बैंक (Bandhan Bank) के एक संदिग्ध बैंक खाते में ट्रांसफर (रूट) किया गया था।
गहन जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि वह खाता देवघर के एक शातिर अपराधी मुस्तफा अंसारी के इशारे पर, महज कुछ हजार रुपयों के ‘कमीशन’ के लालच में किसी अन्य गरीब व्यक्ति के नाम पर खुलवाया गया था।
झारखंड के पंचरुखी गांव में पुलिस की रेड, 25 जून तक पुलिस रिमांड पर आरोपी
पुख्ता लोकेशन मिलने के बाद बलौदाबाजार पुलिस की एक विशेष कमांडो टीम को तत्काल झारखंड रवाना किया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से देवघर के ग्राम पंचरुखी में अचानक घेराबंदी कर दबिश दी। इस छापामार कार्रवाई में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
- मुस्तफा अंसारी: गिरोह का मुख्य स्थानीय संचालक, जो बैंक खाते अरेंज करता था।
- लाल मोहम्मद अंसारी उर्फ लालबाबू: जो ठगी की रकम को एटीएम और अन्य माध्यमों से निकालने में माहिर था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए कई एंड्रॉइड मोबाइल फोन, संदिग्ध सिम कार्ड और दस्तावेज भी जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को देवघर न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर बलौदाबाजार लाया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें **25 जून 2026** तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
‘फर्जी APK फाइल’ का जामताड़ा नेटवर्क, देश के कई राज्यों में फैले हैं तार
पुलिसिया पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने साइबर ठगी के डार्क वेब का बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना जामताड़ा का रहने वाला है, जो परदे के पीछे रहकर फर्जी बैंक खातों और अवैध एपीके (APK) फाइलों के जरिए पूरे सिंडिकेट का संचालन करता है।
ये ठग लोगों के मोबाइल में बिजली बिल अपडेट करने, लॉटरी या बैंक केवाईसी (KYC) के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर ‘APK फाइल’ इंस्टॉल करवा देते थे। यह फाइल इंस्टॉल होते ही पीड़ित के फोन के सारे ओटीपी (OTP) और पासवर्ड सीधे ठगों के पास जामताड़ा पहुंच जाते थे। बलौदाबाजार पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान कड़ाई से पूछताछ में छत्तीसगढ़ सहित देश के कई अन्य राज्यों में की गई लाखों की साइबर ठगी के मामलों का भी बड़ा पर्दाफाश होगा।



